भारत के प्रधानमंत्री 1947 से अब तक

भारत के प्रधानमंत्री भारत गणराज्य की सरकार के मुखिया हैं। भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी है, उनका पूरा नाम नरेन्द्र दामोदरदास मोदी है। भारत के प्रधानमंत्री का पद, भारत के शासनप्रमुख का पद है। संविधान के अनुसार, वह भारत सरकार का मुखिया, भारत के राष्ट्रपति का मुख्य सलाहकार, मंत्रिपरिषद का मुखिया, तथा लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है। वह भारत सरकार के कार्यपालिका का नेतृत्व करता है। भारत की राजनैतिक प्रणाली में, प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल में एक वरिष्ठ सदस्य होते हैं।

पूर्व या तत्कालीन प्रधानमंत्रियों की सूची:

प्रधानमंत्री का नाम कार्यकाल राजनीतिक पार्टी का नाम
जवाहर लाल नेहरू  (1889–1964) 26 फरवरी, 1950 से 27 मई, 1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
गुलज़ारी लाल नन्दा  (1898–1997)(कार्यवाहक) 27 मई, 1964 से 09 जून, 1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
लाल बहादुर शास्त्री (1904 –1966) 09 जून, 1964 से 11 जनवरी, 1966 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
गुलज़ारी लाल (1898-1997) नन्दा (कार्यवाहक) 11 जनवरी, 1966 से 24 जनवरी 1966 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
श्रीमती इंदिरा गांधी (1917–1984) 24 जनवरी, 1966 से 24 मार्च, 1977 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
मोरारजी देसाई (1896–1995) 24 मार्च, 1977 से 28 जुलाई, 1979 जनता पार्टी
चरण सिंह चौधरी (1902–1987) 28 जुलाई, 1979 से 14 जनवरी, 1980 जनता पार्टी (सेक्युलर)
श्रीमती इंदिरा गांधी (1917–1984) 14 जनवरी, 1980 से 31 अक्टूबर, 1984 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
राजीव गांधी (1944–1991) 31 अक्टूबर, 1984 से 1 दिसम्बर, 1989 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
विश्वनाथ प्रताप सिंह (1931–2008) 01 दिसम्बर, 1989 से 10 नवम्बर, 1990 जनता पार्टी
चन्द्रशेखर सिंह (1927–2007) 10 नवम्बर, 1990 से 21 जून, 1991 समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय)
पी. वी. नरसिंह राव (1921–2004) 21 जून, 1991 से 16 मई, 1996 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
अटल बिहारी वाजपेयी (1926) 16 मई, 1996 से 01 जून, 1996 भारतीय जनता पार्टी
एच. डी. देवगौड़ा (1933) 01 जून, 1996 से 21 अप्रैल, 1997 जनता दल
इन्द्र कुमार गुजराल (1933–2012) 21 अप्रैल, 1997 से 19 मार्च, 1998 जनता दल
अटल बिहारी वाजपेयी (1926) 19 मार्च, 1998 से 22 मई, 2004 भारतीय जनता पार्टी
डॉ. मनमोहन सिंह (1932) 22 मई, 2004 से 26 मई, 2014 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
नरेन्द्र मोदी (1950) 26 मई, 2014 से अब तक भारतीय जनता पार्टी

अंतिम संशोधन: 29 मई 2019

भारत में प्रधानमंत्री का चयन तथा नियुक्ति कैसी होती है?

प्रधानमंत्री के चयन तथा नियुक्ति के सम्बन्ध में संविधान के अनुच्छेद 75 में केवल यह प्रावधान किया गया है कि प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा। लेकिन इसका तात्पर्य यह नहीं है कि राष्ट्रपति अपने विवेकाधिकार से प्रधानमंत्री की नियुक्ति कर सकता है। सामान्य प्रथा यह है कि राष्ट्रपति उसी व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त कर सकता है जो लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है। जो व्यक्ति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता चुना जाता है, वह राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा करता है। इसके बाद उस व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त किया जाता है। यदि सामान्य चुनाव में कोई भी दल बहुमत नहीं प्राप्त करता, तो राष्ट्रपति लोकसभा में सबसे बड़े दल के नेता को या किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसे कई दलों का समर्थन प्राप्त हो, को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त करके उससे यह अपेक्षा करता है कि वह एक मास के अंतर्गत लोकसभा में अपना बहुमत साबित करे।

प्रधानमंत्री पद के लिए योग्यता:

प्रधानमंत्री की योग्यता के सम्बन्ध में संविधान में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है, लेकिन इतना अवश्य कहा गया है कि प्रधानमंत्री लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होगा। लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होने के लिए आवश्यक है कि नेता लोकसभा का सदस्य हो। इसलिए प्रधानमंत्री को साधारणत: लोकसभा का सदस्य होने की योग्यता रखनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति, जो कि लोकसभा का सदस्य नहीं है, प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त किया जाता है तो उसे 6 महीने के अंतर्गत लोकसभा का सदस्य होना पड़ता है। प्रधानमंत्री के लिए लोकसभा की सदस्यता अनिवार्य नहीं है। उसे वस्तुत: संसद के दोनों सदनों में से किसी एक सदन अर्थात् लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य अनिवार्यत: होना चाहिए।

यह भी पढे: भारतीय संविधान के भाग, अनुच्छेद एवं अनुसूचियों की सूची

भारत के प्रधानमंत्री की पदावधि:

सामान्यतया प्रधानमंत्री अपने पद ग्रहण की तिथि से लोकसभा के अगले चुनाव के बाद मंत्रिमण्डल के गठन तक प्रधानमंत्री पद पर बना रह सकता है, लेकिन इसके पहले भी वह

  • राष्ट्रपति को त्यागपत्र देकर पदमुक्त हो सकता है, या
  • लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के कारण पद त्याग करता है, या
  • राष्ट्रपति के द्वारा बर्ख़ास्त किया जा सकता है।

भारत के प्रधानमंत्री का वेतन एवं भत्ता:

प्रधानमंत्री को प्रतिमाह 1,25,000 रुपये वेतन के रूप में मिलते हैं। साथ ही उन्हें मुफ़्त आवास, यात्रा, चिकित्सा, टेलीफ़ोन आदि की सुविधाएँ करायी जाती हैं। भत्ते के रूप में प्रधानमंत्री को निर्वाचन क्षेत्र, आकस्मिक ख़र्च, अन्य ख़र्चे एवं डी.ए. आदि दिया जाता है।

भारतीय प्रधानमंत्री के अधिकार एवं उनके कार्य:-

  1. मंत्री परिषद का निर्माण करना- भारत के प्रधानमंत्री का सर्वप्रथम कार्य यह की वह अपनी नियुक्ति के बाद अपने दल के योग्यतम व्यक्तियों को और दल के बाहर के अन्य मंत्री को जरूरत अनुसार अपने मंत्री परिषद में शामिल करता है। मंत्रियों के पद और उनके कार्यों का विभाजन भी वही करता है।
  2. मंत्रियों को अपदस्थ करना- भारत के प्रधानमंत्री को यह अधिकार है, की अगर कोई मंत्री उसके नेतृत्व को स्वीकार न करें तो वह उसे अपदस्थ कर सकता है।
  3. मंत्री मण्डल की बैठकों का सभापतित्व करना- प्राय: समय-समय पर मंत्री मण्डल की बैठक होती रहती है और इस बैठक का सभापितत्व करने का अधिकार भी केवल प्रधानमंत्री को है। बैठक की संपूर्ण कार्यवाही को नियंत्रित करने और मंत्रियों को आदेश देने का कार्य भी प्रधानमंत्री करता है।
  4. नीति-निर्धारित करना- शासन के विभागों में नीति-निर्धारित करते समय मंत्रीगण को प्रधानमंत्री की अनुमति लेना अत्यंत जरूरी है। अंत में जो निर्णय प्रधानमंत्री का होगा वही निर्णय सभी मंत्रीगण का भी होगा।
  5. नीतियों में सामंजस्य स्थापित करना- कई बार केंद्र सरकार की नीतियों और राज्य सरकार की नीतियों में मतभेद उत्पन्न हो जाते है, इन मतभेदो को सुलझाने तथा नीतियों में सामंजस्य स्थापित करने का कार्य भी प्रधानमंत्री का है।
  6. लोकसभा का नेतृत्व करना- प्रधानमंत्री लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है, जिस कारण अपनी समस्त कार्यवाहियों के प्रति संसद में उत्तरदायी होता है। प्रधानमंत्री को ही लोकसभा का नेतृत्व करना पड़ता है।
  7. प्रधानमंत्री “राष्ट्रिय नेता” के रूप में- प्रधानमंत्री राष्ट्र का नेता होता है क्योंकि चुनाव में लोग दल या चुनाव पत्र को वोट नहीं देते बल्कि विभिन्न दलों के प्रधानमंत्री उम्मीदवार को ध्यान में रखकर मतदान करते है।

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